कसक October 29, 2020 फिर नफ़रतों ने इश्क़ की मीनार तोड़ दी दरवाज़ा जब न टूटा तो दीवार तोड़ दी پھر نفرتوں نے عشق کی مینار توڑ دی دروازہ جب نہ ٹوٹا تو دیوار توڑ دی...Read More
मंज़र October 13, 2020 मंज़र है सर-ए-राह गुज़र, और तरह का. दरपेश है इस बार सफ़र और तरह का. उठता है समंदर में जो तूफ़ान , अलग है, दरियाओं में होता ...Read More
अच्छे दिन October 09, 2020 तेरा ग़म मनाने के दिन आ गए हैं कि आँसू बहाने के दिन आ गए हैं ये मंज़ूर हम को नहीं है मगर जाँ तेरे खत जलाने के दिन आ...Read More