Header Ads

Showing posts with label Bandna's Poetry. Show all posts
Showing posts with label Bandna's Poetry. Show all posts

ज़ज्बात

October 16, 2020
  आँखें नम हैं ,लब सिलें हैं जज़्बातों के शब्द मुखरित हैं अश्कों के पन्नों पर हमने अपने कुछ एहसास लिखें हैं खुदगर्ज इस दुनिया की हमने थोङे स...Read More

तुम कहो तो

October 16, 2020
तुम कहो तो पत्नी से मैं प्रेयसी बन जाऊँगी अध खुले अधरों से मंद मंद मुस्काऊँगी माँग मध्य सिंदूर लगा कर , सिन्दूरी गोधूलि बन जाऊँगी आंजन लगे ...Read More

सृजन

October 16, 2020
  हर्फ हर्फ आते हैं मिलने ,मेरी भावनाओं से बिखरे बिखरे शब्दों को भरती हूँ अंजुरी में गुथती हूँ मनोभाव से तब ... बनती है कोई कविता निर्जन मन...Read More

मन की बात

October 16, 2020
  आओ आज कुछ ऐसा लिख दूं अपनी मन की बात कहूं कविता लिखूँ कुछ ऐसी जो शब्द शब्द मन की खोले भेद अम्बर से अवनि बोले ... अपने मन की खोले भेद सुनो ...Read More

प्रेम और पराक्रम

October 16, 2020
  प्रेम समर्पण है प्रेम में हम हार कर भी जीत जाते पराक्रम में जीत कर भी हार जाते एक प्रेम कई लोगों के दिलों को जीत लेता पराक्रम को कई लोगों ...Read More

बलात्कार

October 16, 2020
  जब जिस्म का बलात्कार हो रहा होता है तब सिर्फ जिस्म का ही नहीं ... रूह और आत्मा का भी बलात्कार हो रहा होता है जब हम बेटियों की अस्मिता लुट ...Read More