कर्ब-ए-मुसलसल November 12, 2022कर्ब-ए-मुसलसल तारीक फ़ज़ा में ये ज़िया दें तो किसे दें हम अपने ख़यालों की शुआ दें तो किसे दें झेलेगा भला ख़्वाबों की बेकार चुभन कौन ये जलता...Read More
शिकायत November 08, 2022 बारहा ठहर के माज़ी को बुलाते क्यूँ हो जा चुके हो तो फिर अब याद भी आते क्यूँ हो डर न जाए कहीं दिल चीखते सन्नाटे से शब है तारीक अभी शमअ...Read More
तख़य्युल October 26, 2022तख़य्युल ये बाब-ए-राज़-ए-उल्फ़त है ये खुलवाया नहीं जाता मोअम्मा अब किसी सूरत ये सुलझाया नहीं जाता मोहब्बत की नहीं जाती, मोहब्बत हो ही जात...Read More
हसरतों के भंवर October 07, 2022 मक़ाम आएगा ऐसा, ये ध्यान में भी न था कि अब तो साया किसी सायबान में भी न था वो हसरतों के भँवर भी ख़मोश थे अब तो बला का जोश वो दिल के उफ...Read More
खलिश September 20, 2022 दिल के ख़दशात सदाक़त में तो ढाले न गए आसतीं में कभी फिर नाग वो पाले न गए और मज़लूम ने थक हार के दम तोड़ दिया पूछने हाल अंधेरों का उजाले न गए म...Read More
तक़दीर November 27, 2020 कभी तक़दीर ने लूटा, कभी वहशत ने ठुकराया हज़ारों कोशिशें कर लीं हमें जीना न रास आया KABHI TAQDEER NE LOOTA KABHI WAHSHAT NE THUKRAAYA HAZAARO...Read More
तरब का पर्दा November 17, 2020 तरब का पर्दा भी आख़िर इसे बचा न सका चिराग़ बुझने से पहले भी लपलपा न सका हज़ार वार किए जम के रूह को कुचला ज़माना हस्ती को मेरी मगर मिटा न सका...Read More
हसरत October 31, 2020 जंग जब तूफ़ाँ से हो तो क्या किनारा देखना बैठ कर साहिल पे क्या दरिया का धारा देखना माँगते हैं ख़ैर तेरी सल्तनत में रात दिन देखना , बस इक न...Read More
तमन्ना October 23, 2020 है सूखी पड़ी कब से ख़्वाबों की छागल कि मुरझा गई ज़िंदगानी की कोंपल ख़ुदा जाने टूटा है सामान क्या क्या मेरे दिल के अंदर बहुत शोर था कल कहो, दिल...Read More