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शिरीष के फूल

October 15, 2020
  शिरीष तुम्हें तब से जानती हूँ जिस दिन तुम्हें मनरेगा वाले सड़क के किनारे लगा गए थे तब याद आया था इतिहास का पन्ना जिसमें शेरशाह,अशोक आदि राज...Read More

कच्चा सोना

October 15, 2020
  धरती का तू कच्चा सोना तुझसे है श्रृंगार धरा का आषाढ़ के पावस दिन जब मूसलधार बरसता पानी जा पहुंचते खेतों में हलधर हल-बैल,कुदाल या ट्रैक्टर ह...Read More

माटी तू अनमोल

October 15, 2020
  माटी तू कितनी अनमोल है छुपा तुझमें कुछ ऐसा जिससे जीवन है सारा न तू सिर्फ जीवन देती बोझ भी तू ढोती सबका हो जंगल विरल या सघन या पर्वत की पूर...Read More

दर्द....

October 15, 2020
  किसके हिस्से दर्द न आता? लाख छुपाओ,फिर भी रिसता तन को भले वसन ढँकता दर्द तो दिल के कोने छुपता सुख से तो आनन मुस्काता दुःख तो आँखे कोरों...Read More

ढोल का पोल

October 15, 2020
  बन्द पड़े हैं सब मदिरालय खुली है फैक्टरियां मदिरा की शराब बंदी और नशा मुक्ति सब है बस नारों का खेल बनी थी श्रृंखला मानव की कोई न हाथ छूटने ...Read More

मैं सच हूँ

October 15, 2020
  सच को कोई न बिजता सच से जाने क्यों डरते लोग कोई न करता इसकी खेती जो की जाती सच की खेती वजूद खत्म हो जाता कब का सच को ईश्वर ने पँख दिए अब म...Read More