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Ghazals by Mumtaz Naza

Poetry by Usha

Poetry by Bandna

कर्ब-ए-मुसलसल

November 12, 2022
कर्ब-ए-मुसलसल तारीक फ़ज़ा में ये ज़िया दें तो किसे दें ‎ हम अपने ख़यालों की शुआ दें तो किसे दें ‎ झेलेगा भला ख़्वाबों की बेकार चुभन कौन ‎ ये जलता...Read More

शिकायत

November 08, 2022
  बारहा ठहर के माज़ी को बुलाते क्यूँ हो ‎ जा चुके हो तो फिर अब याद भी आते क्यूँ हो ‎ डर न जाए कहीं दिल चीखते सन्नाटे से ‎ शब है तारीक अभी शमअ...Read More

मैं जितना देह में था

November 08, 2022
मैं जितना देह में था उतना ही देह से बाहर रहा जुलूसों में कुचला नारों में उछला झंडों में फड़फड़ाया और अंत में बीड़ी के धुयें में धुंआ होकर छाती ...Read More

तख़य्युल

October 26, 2022
तख़य्युल   ये बाब-ए-राज़-ए-उल्फ़त है ये खुलवाया नहीं जाता ‎ मोअम्मा अब किसी सूरत ये सुलझाया नहीं जाता ‎ मोहब्बत की नहीं जाती, मोहब्बत हो ही जात...Read More

लम्बी रात

October 21, 2022
  लम्बी रात यह रात इतनी लम्बी है कि प्रहरों में नहीं, कल्पों में ढल रही हैं ऐसा लगता है कि पृथ्वी भूल गयी है अपनी धुरी पर घूमना. मेरी आंखों ...Read More

एक उदास सुबह

October 16, 2022
  __एक उदास सुबह __ कितनी उदास है यह सुबह पेड़, पंछी, पवन और पावस के बावजूद भी कितना खालीपन है यहाँ. गरजते मेघों, गिरती बूंदों और खनकते पत्तो...Read More

हसरतों के भंवर

October 07, 2022
  मक़ाम आएगा ऐसा, ये ध्यान में भी न था ‎ कि अब तो साया किसी सायबान में भी न था ‎ वो हसरतों के भँवर भी ख़मोश थे अब तो ‎ बला का जोश वो दिल के उफ...Read More

पेड़

September 24, 2022
  पेड़ यहां मेरे घर के सामने बहुत से पेड़ हैं मैं उन्हें बस पत्तों से पहचानता हूँ उनकी गंध से पहचानता हूँ उनसे टपके द्रव के धब्बों को पहचानता ...Read More