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तक़दीर

November 27, 2020
  कभी तक़दीर ने लूटा, कभी वहशत ने ठुकराया हज़ारों कोशिशें कर लीं हमें जीना न रास आया KABHI TAQDEER NE LOOTA KABHI WAHSHAT NE THUKRAAYA HAZAARO...Read More

तरब का पर्दा

November 17, 2020
  तरब का पर्दा भी आख़िर इसे बचा न सका चिराग़ बुझने से पहले भी लपलपा न सका   हज़ार वार किए जम के रूह को कुचला ज़माना हस्ती को मेरी मगर मिटा न सका...Read More

हसरत

October 31, 2020
  जंग जब तूफ़ाँ से हो तो क्या किनारा देखना बैठ कर साहिल पे क्या दरिया का धारा देखना   माँगते हैं ख़ैर तेरी सल्तनत में रात दिन देखना ,  बस इक न...Read More

कसक

October 29, 2020
  फिर नफ़रतों ने इश्क़ की मीनार तोड़ दी दरवाज़ा जब न टूटा तो दीवार तोड़ दी پھر نفرتوں نے عشق کی مینار توڑ دی دروازہ جب نہ ٹوٹا تو دیوار توڑ دی...Read More

तमन्ना

October 23, 2020
  है सूखी पड़ी कब से ख़्वाबों की छागल कि मुरझा गई ज़िंदगानी की कोंपल ख़ुदा जाने टूटा है सामान क्या क्या मेरे दिल के अंदर बहुत शोर था कल कहो, दिल...Read More

कविता

October 20, 2020
नहीं लिख सकता मैं हर बात पर कविता कुछ बातों पर मुझे झुंझलाना आता है कुछ पर गुस्सा कुछ पर मैं रो पड़ता हूँ और कुछ पर चुप ही रह जाना आता है कु...Read More

वह यह कहती है

October 18, 2020
  वो कहती है! मुझे चूड़ियां बंधन नहीं लगती पहनने दो न। और मैं हार जाता हूं। वो कहती है! घूँघट नहीं पल्लू रखने दो मैं सम्मान देना चाहती हूं औ...Read More

ज़ज्बात

October 16, 2020
  आँखें नम हैं ,लब सिलें हैं जज़्बातों के शब्द मुखरित हैं अश्कों के पन्नों पर हमने अपने कुछ एहसास लिखें हैं खुदगर्ज इस दुनिया की हमने थोङे स...Read More

तुम कहो तो

October 16, 2020
तुम कहो तो पत्नी से मैं प्रेयसी बन जाऊँगी अध खुले अधरों से मंद मंद मुस्काऊँगी माँग मध्य सिंदूर लगा कर , सिन्दूरी गोधूलि बन जाऊँगी आंजन लगे ...Read More

सृजन

October 16, 2020
  हर्फ हर्फ आते हैं मिलने ,मेरी भावनाओं से बिखरे बिखरे शब्दों को भरती हूँ अंजुरी में गुथती हूँ मनोभाव से तब ... बनती है कोई कविता निर्जन मन...Read More