Header Ads

Showing posts with label Ishq. Show all posts
Showing posts with label Ishq. Show all posts

शिकायत

June 29, 2014
हम    ही करते गये उन्हें हमसे  प्यार कब था हमारी   मुहब्बत   पे उन्हें भला ऐतबार कब था दश्तो    सेहरा   में   जाने का सबब   मत पूछ...Read More

इंतज़ार

June 29, 2014
ये   मुमकिन   नहीं   मेरी आँख में कोई मंज़र ही न हो और सीने   में छुपा   एक     गम   का   समंदर ही न हो रूए ज़मी   ...Read More

दस्तूर-ए-इश्क़

June 29, 2014
दस्तूरे इश्क़ किसी रोज़  बदल  जाये  तो  क्या बात हो परवाना अपनी ही आग में जल जाये तो   क्या   बात हो जिनके   इंतज़ार में   ...Read More

तारीफ

June 29, 2014
चांदनी में धुली ज़मी देखी , बेकरा आसमान देखा है हमने   चाँद   की   ओट में छुपके सारा जहान देखा है खुशियो   को    पाया...Read More