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तेरे ख्वाब में

June 29, 2014
चुपके  से  किसी  रोज़ मैं  तेरे ख्वाब में आऊंगा साथ     अपने   तुझे   अर्श   की   मैं सैर   कराऊंगा बादलों   के    संग ...Read More

किताब

June 29, 2014
कई   अनपूछे     सवालों     का   मैं   जवाब रहा हूँ मुझे     पता    है   कई   निगाहों   का ख्वाब रहा हूँ कई    हाथों  ...Read More

खैर-मक़्दम

June 29, 2014
वो   आये हैं जब चमन में ,   तब जाके बहार आई है हर    पत्ता ,   हर     फूल ,     हर   कली   मुस्कराई   है यूँ   निगाहे...Read More

ख्वाब..............

June 28, 2014
मेरे     एक       ख्वाब      में     जब      आप      आये   थे नींद    के    आलम     में       भी       हम    मुस्कराये     थे ...Read More